न मेयर, न पार्षद; अब अफसर ही नगर सरकार; नगर निगम में संभागायुक्त बनीं प्रशासक

 न मेयर, न पार्षद; अब अफसर ही नगर सरकार; नगर निगम में संभागायुक्त बनीं प्रशासक






 







भोपाल. भोपाल, इंदौर व जबलपुर नगर निगम का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया। यहां नगरीय निकायों में संभागायुक्तों को प्रशासक बनाया गया है। पांच अन्य निकायों में प्रशासक की नियुक्ति के आदेश जारी हो गए। भोपाल नगर निगम में संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव प्रशासक होंगी। छिंदवाड़ा नगर निगम में कलेक्टर को कमान सौंपी गई है। विदिशा जिले की शमशाबाद नप, होशंगाबाद जिले की बनखेड़ी नप में भी प्रशासक की नियुक्ति संबंधी आदेश हो गए हैं।


नगर निगम परिषद के कार्यकाल का समापन भी ड्रामे से भरपूर रहा। महापौर आलोक शर्मा रैली के रूप में निगम मुख्यालय आए और निगमायुक्त बी विजय दत्ता को गाड़ी की चाबी सौंप दी। इस दौरान निगम परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान भी मौजूद थे। इसके पहले महापौर ने 74 बंगला स्थित सरकारी आवास खाली कर दिया।


पहली बार समापन से पहले नहीं हुई परिषद की बैठक
यह पहला मौका है जब कार्यकाल समापन से पहले परिषद की बैठक नहीं हुई और न कोई औपचारिक विदाई समारोह हुआ। हालांकि  महापौर ने एमआईसी की बैठक जरूर की। आखिरी दिन भी बड़े पैमाने पर भूमिपूजन हुए। वार्ड 81 के पार्षद पवन बोराना ने बैरागढ़ चीचली में सीसी रोड, वार्ड 72 की पार्षद आशा देवी जैन ने कल्याण नगर में नाली निर्माण, वार्ड 73 में तुलसा वर्मा ने शिव नगर सहित 6 बस्तियों में सीसी रोड का भूमि पूजन किया। वार्ड 64 में सुरेंद्र बाडिका ने दस स्थानों पर सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। भाजपा व कांग्रेस पार्षदों ने अपने-अपने इलाकों में कार्यक्रम आयोजित किए।


अंतिम दिन एमआईसी ने पारित किए अहम प्रस्ताव  



  • गैस लाइन बिछाने के लिए खुदाई पर सहमति

  • मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए ट्रैफिक को बीआरटी कॉरिडोर के भीतर संचालन की अनुमति

  • बावड़ियाकला आरओबी का नामकरण बाबूलाल गौर के नाम पर किया जाए

  • लोहा मंडी के लिए कान्हासैंया में भूमि आवंटित करने के लिए शासन से अनुरोध

  • टीटी नगर में दुष्यंत कुमार की प्रतिमा स्थापना को अनुमति।


पांच साल की बड़ी उपलब्धियां...



  • केबल स्टे ब्रिज

  • हबीबगंज आरओबी

  • स्मार्ट सिटी की पहली सूची में स्थान

  • स्वच्छतम राजधानी का खिताब, दो बार देश में दूसरा स्थान

  • न्यू मार्केट, एमपी नगर और बैरागढ़ में मल्टीलेवल पार्क


लेकिन अधूरे प्रोजेक्ट 



  • भारत माता चौराहे से पॉलिटेक्निक तक स्माार्ट रोड

  • संत नगर में माॅडल रोड

  • छोटे तालाब पर निर्माणाधीन आर्च ब्रिज।


प्रमुख विवाद...जो चर्चा में बने रहे
कम्प्लीशन सर्टिफिकेट विवाद - घोटाले के आरोप के बाद आई जांच रिपोर्ट ही विवादित हो गई। 
वर्कशाप घोटाला -  मेयर की नाराजगी के बाद सिटी इंजीनियर की विदाई और स्लाटर हाउस पर बार- बार बदला रुख और इसे लेकर राजनीतिक खींचतान।


महापौर चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराने का केस सुको पहुंचा
प्रदेश में महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से नहीं कराकर चुने हुए पार्षदों से कराने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में नगर पालिक अधिनियम में हुए संशोधन और इस संबंध में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। मामले पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। 


अब एमआईसी और परिषद के अधिकार संभागायुक्त के पास 


भोपाल नगर निगम परिषद का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही भोपाल की संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव को प्रशासक बनाया गया है। महापौर परिषद यानी एमआईसी और निगम परिषद दोनों के अधिकार संभागायुक्त के पास होंगे। अब आपके घर के आसपास की और रोजमर्रा की पानी, सीवेज जैसी समस्याओं के लिए सीधे नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करना होगा। 
 


इन नंबरों पर करें संपर्क
वार्ड प्रभारी का मोबाइल नंबर  वार्ड 1 से 66 तक 9425601301 से 66 तक, इसके आगे वार्ड 67 से 85 तक के वार्ड प्रभारी का मोबाइल नंबर 7587596067 से 85 तक।
जोनल अधिकारी का नंबर - 9424499901 से 9424499919 तक।(अंतिम दो डिजिट जोन नंबर)